मासिक धर्म की पूरी जानकारी और उससे Related हर एक Problem का Solution

इस संसार में नारियों को पुरुषों से कई गुणा ज्यादा समस्यओं का सामना करना पड़ता है, उनके जीवन में इतने समस्या आते है जिनको अगर गिनने लग जाये तो हजरों समस्या निकल आएंगे. उनमे से एक सबसे बड़ा समस्या है “मासिक धर्म” जिसके बजह से उनको हजारो Problems होती है.

आज के इस Article से मासिक धर्म से related हर problem का solution बतया जायेगा. और आज इस article को लिखने के पीछे एक ही मकसद है की लोगो को educate करना. क्योंकि अगर लोग educate होंगे तो अपने problem का solution खुद निकाल सकते है, तो चलिए शुरू करते है. 🙂

Masik-dharm-ki-puri-jankari

ज्यादातर नारियों का problem मासिक धर्म की अनियमितता (Irregular Periods Problem in Hindi)” होती है. इसके अलावा और भी बहुत से problems है. जैसे की –

  • मासिक धर्म में देरी
  • मासिक धर्म का न आना
  • मासिक धर्म की अनियमितता
  • मासिक धर्म के समय दर्द
  • मासिक धर्म का बंद हो जाना
  • मासिक चक्र में देरी.

इन सारे समस्या का समाधान बताने से पहले हम बिस्तार में जानेंगे आखिर इन समस्याओं के पीछे क्या कारण है, क्यों ये मासिक धर्म समस्या arise होते है, तो चलिये समय ना बिताते हुए जान लेते है।

What is Periods in Hindi – Masik Dharm Kya Hota Hai

आम तौर पर लड़कियों के मासिक धर्म का शरुवात 11 se 15 के उम्र में होता है, किसी कोे थोड़ा जल्दी होता है तो किसी को थोड़े देर में और ये एक तरह का hormonal बदलाव है. नारियों के शारीर में दो अंडाशय और एक गर्वशाय होता है. नारी के अंडाशय से हर माह एक विकसित अण्डा उत्पन्न होता है और जब यह अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है तब उसका स्तर खून और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है. यदि उस अंडे का पुरूष के शुक्राणु से मिलन नहीं होता है, तो यह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निकल जाता है. इसी स्राव को मासिक धर्म, पीरियड, या मासिक कहते हैं. Point Source – Suvicharhindi.com

Manstrual Cycle in Hindi- Masik Dharm Chakra

मासिक धर्म चक्र 28 दिन का होता है. इसलिए हर एक महीने बाद बाद नारियों को इसका सामना करना पड़ता है. Period Normally 2 से 3 दिन तक रहती है, मगर कभी कभार ये 7 दिन तक भी रहती है. हर स्त्रियों का अलग अलग होता है किसी के ज्यादा समय तक रहता है तो किसी के कम।

मासिक धर्म के शुरू होने के कुछ सालों तक ये अनियमित रहती है. इसको नियंत्रित होने के लिए हार्मोन को कई साल लग जाते हैं. बहुत से स्त्रियों को इसके अनियमित के चलते बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ता है और Late Periods Problem के बजह से वे चिंतित रहते है।

Period Kab Band Hota Hai?

पीरियड गर्भावस्था के दौरान बंद रहता है, और ये 40 se 50 साल के आयु में naturally बंद हो जाता है, अगर इससे पहले पीरियड बंद हो जाता है तो इसको नजर अंदाज बिलकुल नहीं करनी चाहिए बल्कि इसको गम्भीरता से लेना चाहिए और एकबार Doctor से मिलकर इसके बारे में सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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Periods Ke Dauran Ladkiya Kaise Mahasush Karte hai.

पीरियड शुरू होने से पहले लड़कियों के कमर में हल्का दर्द होता है, जिसे मासिक से पहले का दर्द कहते हैं. जैसे ही मासिक काम होने लगता है तो उनके दर्द भी कम हो जाता है और ये दर्द कम ज्यादा हर किसी को होता है.

पेट दर्द के अलावा लड़कियों में चिड़चिड़ा पन आ जाता है, वो परेशान से रहते है.

तो दोस्तों हमने अच्छे से जान लिया “What is Periods in Hindi” अब हम इसके कुछ common problem की और चलते है जिसको ज्यादातर महिलाएं face करती है – “मासिक धर्म की अनियमितता (Irregular Periods in Hindi)” जैसे की उप्पर बताया गया है शुरवाती कुछ सालों तक ये अनियमित रहती है. मगर हम कुछ घरेलु उपाय अपनाकर अपने मासिक को नियमित कर सकते है।

Gharelu Upay Or Home Remedies for Irregular Periods in Hindi

गन्ने का रस – Irregular Periods के सबसे अच्छा उपचार है गन्ने का रस, यह एक दवाई का काम करता है, आप regular एक गिलास कर के पिए इससे आपका पीरियड्स नियमित समय पे होगा और आपको बहुत आराम मिलेगा।

तिल का सेवन करे – तिल को पीसकर किसी चीज में रख ले और रोजाना सुबह शाम एक चम्मच कर के खाए, इसका सेवन तबतक करते रहे जबतक आपको इस परेशानी से छुटकारा ना मिल जाये. ये बहुत ही फायदेमंद उपचार है इससे आपको बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

गाजर और चुकंदर का रास – आप गाजर और चुकंदर का रस पीरियड्स के दौरान पीकर अपने अनियमित मासिक धर्म परेशानियों से मुक्ति पा सकते है।

नींबू और नारंगी का रस – मासिक धर्म के दिनों सुबह भूखे पेट नींबू तथा नारंगी का रस पिने से भी राहत मिलती है क्योंकि ये पोटेशियम की कमी को पूरी करता है।

अच्छा आहार ले – मासिक धर्म के दौरान उचित मात्रा में आहार लेना चाहिए जैसे की हरी साग सब्जियां, ताजे फल आदि, इनदिनों ज्यादा माँसाहारी भोजन ना खाएं, ज्यादा मिर्च मशाल, तेलिया चीजे ना खाएं.



आशा करता हु आपको ये Article अच्छा लगा होगा आप हमारे और भी मासिक धर्म से related articles को जरूर पढ़े, उनमे हर प्रकार के प्रोब्लेम्स को लेकर बात किया गया है और उनके घरेलु उपचार भी बताये गए है।

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